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विश्वविद्यालय परीक्षा 2021 हेल्पलाइन

Courses Teachers Name Mobile No.
बी.ए निशा बारले 9926670690
पद्मिनी 7974580756
बीएस सी
स्वाति शर्मा 9179685340
बीकॉम मधु कटारिया 7806004987
ज्योति अग्रवाल 8109669978
स्नातकोत्तर प्राइवेट किशन 6263521847
अभिलाषा 9926654446

नियमित और प्राइवेट परीक्षार्थी व्हाट्सएप्प ग्रुप में अपना नाम जुड़वाने और अन्य समस्याओं हेतु ऊपर लिखे मोबाइल नंबरों पर बात करें
प्राचार्य

Extra Curricular Activities





About Dr. Radhabai Govt. Navin Kanya Mahavidyalaya, Raipur


Dr. Radhabai Govt. Navin Kanya Mahavidyalaya is run by the Dept. of Higher Education, Govt. of Chhattisgarh. Established in 1986, the institution offers Degree Courses in both Science and Arts faculty and Post Graduate Courses in Economics, Hindi Literature, Home Science, Political Science and Mathematics. The college is affiliated to U.G.C. through section 2(f) dated 16.08.89 and 12B dated 17.06.92 and has the recognition and affiliation of a consistent college from Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G.).

Vision

To make this institute a pioneer model of meaningful change through women education in a dynamic society working towards women empowerment and environment sustainability.

Mission

  • To be an institution of excellence.
  • To foster and encourage innovation and creativity.
  • To provide equal opportunity for one and all
  • To promote economic and community development through inculcation of entrepreneurial spirit and productive partnership.
  • To empower women through regular and non formal courses to make them economically independent and socially aware.
  • To shape the students into agents of social change by incorporating the values of good citizenry, scientific temperament and rational thinking.

||प्रार्थना||

सबकी नसों में पूर्वजो का रक्त पुण्य प्रवाह हो
गुन शील साहस बल तथा में भरा उत्साह हो
सबके ह्रदय में सर्वदा समवेदना की दाह हो
हमको तुम्हारी चाह हो तुमको हमारी चाह हो

विद्या कला कौशल्य में सबका अटल अनुराग हो
उद्योग का उन्माद हो आलस्य मद का त्याग हो
सुख और दुःख में एक सा सब भाइयो का भाग हो
अन्तः करण में गूँजता राष्टीयता का राग हो

उपलक्ष के पीछे कभी विलगित न जीवन लक्ष्य हो
जब तक रहे प्राण तन में पुण्य का ही पक्ष हो
कर्तव्य एक न एक पवन नित्य नेत्र समक्ष हो
संपत्ति और विपत्ति में विचलित कदापि न वक्ष हो